राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आज शाम एक शक्तिशाली विस्फोट (Delhi blast) से दहल गई। दिल्ली के अति-संवेदनशील लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक कार में हुए भीषण धमाके के बाद राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इस घटना में कम से कम एक व्यक्ति की मौत और चार अन्य के घायल होने की सूचना है, हालांकि आधिकारिक तौर पर हताहतों की संख्या की पुष्टि होना अभी बाकी है।
यह विस्फोट शाम लगभग 6:30 बजे हुआ, जब यह इलाका (जो व्यस्त चांदनी चौक बाजार के करीब है) आमतौर पर खरीदारों और यात्रियों से भरा रहता है। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आग की लपटों ने आसपास खड़ी तीन से चार अन्य गाड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर पहुंची दिल्ली अग्निशमन सेवा की 7 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने इस घटना को “अत्यंत गंभीर” बताया है। इस घटना की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि यह ठीक उसी दिन हुई है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली-एनसीआर के फरीदाबाद से लगभग 2900 किलोग्राम विस्फोटक और हथियार बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और फॉरेंसिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं और जांच शुरू कर दी है कि क्या इन दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है।
🔴 लाल किले के पास दहला देने वाला मंजर
यह घटना उस समय हुई जब शाम का व्यस्त समय शुरू हो रहा था। लाल किला और चांदनी चौक का इलाका, जो अपनी ऐतिहासिक इमारतों और घने बाजारों के लिए जाना जाता है, अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज से कांप उठा।
चश्मदीदों का बयान
प्रत्यक्षदर्शियों ने इस मंजर को भयानक बताया। एक स्थानीय वेंडर, जो पास में ही स्टॉल लगाता है, ने मीडिया को बताया:
“यह किसी आम दिन जैसा ही था। चांदनी चौक का इलाका लोगों से भरा हुआ था क्योंकि शादियों का सीजन है और लोग शॉपिंग करने आ रहे हैं। लेकिन तभी शाम के वक्त अचानक गेट नंबर एक के बाहर खड़ी एक कार में जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिससे वहां हड़कंप मच गया। हमने देखा कि कार के परखच्चे उड़ गए और आग ने तुरंत पास की दो-तीन और गाड़ियों को पकड़ लिया।”
एक अन्य चश्मदीद के अनुसार, धमाके की तीव्रता इतनी तेज थी कि आसपास की कुछ स्ट्रीटलाइट्स भी क्षतिग्रस्त हो गईं और लोग डरकर इधर-उधर भागने लगे।
हताहतों की संख्या पर भ्रम
घटना के बाद शुरुआती कुछ घंटों में हताहतों की संख्या को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही।
- प्रारंभिक रिपोर्टें: कई समाचार एजेंसियों, जैसे टाइम्स ऑफ इंडिया और इकोनॉमिक टाइम्स ने दिल्ली अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के हवाले से शुरू में “किसी के हताहत न होने” की सूचना दी। (स्रोत: द इकोनॉमिक टाइम्स, 10 नवंबर 2025)
- नवीनतम जानकारी: हालांकि, इसके तुरंत बाद, इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों ने सूत्रों के हवाले से पुष्टि की कि इस विस्फोट में 1 व्यक्ति की मौत हो गई है और 4 अन्य घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया है। (स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस, 10 नवंबर 2025)
एक वरिष्ठ पत्रकार के तौर पर, यह स्पष्ट है कि इस तरह की तेजी से विकसित हो रही घटनाओं में शुरुआती रिपोर्टें अक्सर बदल जाती हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा आधिकारिक बयान जारी किए जाने के बाद ही सही संख्या स्पष्ट हो पाएगी।
🚨 हाई अलर्ट क्यों? फरीदाबाद कनेक्शन की आशंका
महज एक कार में विस्फोट, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, आमतौर पर पूरी राजधानी में “हाई अलर्ट” का कारण नहीं बनता जब तक कि इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका न हो। इस मामले में, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की तत्काल और उच्च-स्तरीय प्रतिक्रिया का एक स्पष्ट कारण है।
आज ही हुआ सबसे बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़
सोमवार, 10 नवंबर, 2025 (यानी आज ही) को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़े अंतरराज्यीय और सीमा-पार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़ा था।
इस ऑपरेशन की सबसे चिंताजनक बात फरीदाबाद से हुई बरामदगी है:
- विशाल जखीरा: सुरक्षा बलों ने हरियाणा के फरीदाबाद में (जो दिल्ली से सटा हुआ है) दो अलग-अलग ठिकानों से लगभग 2900 किलोग्राम विस्फोटक (एक घर से 360 किलो और दूसरे से 2500 किलो से अधिक) बरामद किया। (स्रोत: इंडिया टीवी न्यूज़, 10 नवंबर 2025)
- गिरफ्तारी: इस मामले में लखनऊ की एक महिला डॉक्टर, डॉ. शाहीन शाहिद, को भी हिरासत में लिया गया है, जिस पर आतंकवादियों को रसद और सूचना पहुंचाने का आरोप है।
लाल किले जैसी प्रतिष्ठित और उच्च-सुरक्षा वाली जगह के पास, उसी दिन शाम को विस्फोट होना, जब पास के शहर से इतना बड़ा विस्फोटक जखीरा पकड़ा गया हो, इसे महज एक “संयोग” मानना मुश्किल है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि क्या यह विस्फोट उसी मॉड्यूल का एक हताश प्रयास था या कोई संबंधित “स्लीपर सेल” सक्रिय हो गया है।
📈 जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया
फिलहाल, जांचकर्ता कई एंगल्स से मामले को देख रहे हैं।
आधिकारिक बयान
दिल्ली अग्निशमन सेवा (Delhi Fire Service) ने समाचार एजेंसी एएनआई के माध्यम से घटना की पुष्टि की। एक अधिकारी के अनुसार:
“शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक कार में विस्फोट होने की सूचना मिली, जिसके बाद तीन से चार वाहनों में भी आग लग गई और वे क्षतिग्रस्त हो गए। कुल 7 फायर टेंडर मौके पर भेजे गए और आग पर काबू पा लिया गया है।”
जांच की वर्तमान स्थिति
- फॉरेंसिक जांच: दिल्ली पुलिस की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों ने मौके से नमूने इकट्ठे किए हैं। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोट किस सामग्री से हुआ। क्या यह कार में रखा कोई आईईडी (IED) था, या यह कार के सीएनजी सिलेंडर में हुआ ब्लास्ट था?
- स्पेशल सेल की भूमिका: स्पेशल सेल की मौजूदगी यह संकेत देती है कि इसे एक “आतंकी घटना” के एंगल से देखा जा रहा है। टीम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार को वहां किसने और कब पार्क किया था।
- हाई अलर्ट: “हाई अलर्ट” के तहत, दिल्ली के सभी प्रमुख मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, प्रमुख बाजारों (जैसे कनॉट प्लेस, सरोजिनी नगर) और अन्य संवेदनशील सरकारी इमारतों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
📉 अतीत के जख्म और राजधानी की सुरक्षा
दिल्ली का विस्फोटों से पुराना और दर्दनाक इतिहास रहा है। 2005 के दिवाली से ठीक पहले हुए सिलसिलेवार धमाकों से लेकर 2011 में दिल्ली उच्च न्यायालय के बाहर हुए विस्फोट तक, राजधानी ने कई बार आतंकी हमलों का दंश झेला है।
यह घटनाएं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशानिर्देशों के महत्व को रेखांकित करती हैं। NDMA शहरी क्षेत्रों में विस्फोट और मास कैजुअल्टी मैनेजमेंट (MCM) के लिए विस्तृत प्रोटोकॉल निर्धारित करता है। (स्रोत: एनडीएमए इंडिया, आधिकारिक दिशानिर्देश) इन दिशानिर्देशों में त्वरित प्रतिक्रिया, घटनास्थल को सुरक्षित करना और विभिन्न एजेंसियों (पुलिस, फायर, स्वास्थ्य) के बीच समन्वय पर जोर दिया गया है, जो आज लाल किले के पास की प्रतिक्रिया में स्पष्ट रूप से देखा गया।
यह जांच महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि यह एक सीएनजी ब्लास्ट या दुर्घटना है, तो यह वाहन सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाता है। लेकिन अगर यह एक आतंकी कृत्य है, तो यह फरीदाबाद में आज की गई कार्रवाई के बावजूद, राजधानी में स्लीपर सेल की सक्रिय उपस्थिति का एक भयावह संकेत है।
