राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली सोमवार शाम एक भीषण धमाके से दहल गई। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक खड़ी कार में हुए शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और 16 से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना (Delhi Blast News Live Update) ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते दिल्ली और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अयोध्या में राम मंदिर समेत सभी संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा तत्काल प्रभाव से बढ़ा दी गई है।
⚡ मुख्य तथ्य: एक नजर में
- क्या हुआ: लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट 1 के पास पार्किंग में खड़ी एक कार में भीषण धमाका।
- कब: सोमवार, 10 नवंबर 2025, शाम लगभग 7:05 बजे (IST)।
- हताहत (रात 9 बजे तक): 8 लोगों की मौत की पुष्टि (LNJP अस्पताल), 16+ घायल (3 गंभीर)।
- तत्काल प्रतिक्रिया: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, फॉरेंसिक टीमें और दमकल की 7 गाड़ियाँ मौके पर।
- राष्ट्रीय प्रतिक्रिया: गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और IB चीफ से बात की; राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम जांच के लिए रवाना।
- सुरक्षा अलर्ट: दिल्ली और उत्तर प्रदेश में ‘रेड अलर्ट’; अयोध्या, काशी और मथुरा सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई।
क्या हुआ: लाल किले पर आतंक का साया?
यह घटना सोमवार शाम लगभग 7:05 बजे घटी, जब लाल किला और चांदनी चौक का इलाका दफ्तर से लौट रहे लोगों और पर्यटकों की भीड़ से भरा हुआ था। दिल्ली अग्निशमन विभाग के अनुसार, उन्हें 7:05 बजे एक कार में विस्फोट की सूचना मिली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज दूर तक सुनी गई और आसपास की इमारतों के शीशे हिल गए। विस्फोट एक पार्किंग में खड़ी कार में हुआ, जिसने तुरंत आसपास की तीन से चार अन्य गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे धू-धू कर जल उठीं।
‘भूकंप जैसा महसूस हुआ’
घटनास्थल के पास मौजूद चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भार्गव ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “यह एक ज़बरदस्त धमाका था… इमारतें ऐसे हिल गईं जैसे भूकंप आ गया हो… सड़क पर शव पड़े थे – किसी का हाथ कहीं, किसी का सिर कहीं।”
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी, यासीन हुसैन ने NDTV को बताया, “अचानक तेज धमाका हुआ। धमाका इतना तेज था कि मैं थोड़ी देर के लिए सुन्न सा हो गया।”
नवीनतम आंकड़े और आधिकारिक प्रतिक्रिया
धमाके के तुरंत बाद, घायलों को नजदीकी लोक नायक जय प्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल ले जाया गया।
हताहतों की स्थिति
- मृतक: LNJP अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने समाचार एजेंसी ANI को पुष्टि की कि अस्पताल में कुल 15 लोगों को लाया गया था।
- मौत का आंकड़ा: इनमें से 8 लोगों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी।
- घायल: कम से कम 16 लोग घायल हैं, जिनमें से 3 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या 11 से 24 के बीच बताई गई है, इसलिए इस आंकड़े के बढ़ने की आशंका है।
जांच की कमान किसके हाथ?
घटना की गंभीरता को देखते हुए कई एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं।
- स्थानीय जांच: दिल्ली पुलिस की आतंकवाद-रोधी इकाई, स्पेशल सेल, और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। वे विस्फोट के नमूने एकत्र कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह एक उच्च-तीव्रता वाला IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) था या कार के सिलेंडर में हुआ कोई हादसा। हालांकि, धमाके की तीव्रता और पैटर्न प्रथम दृष्टया एक आतंकी हमले की ओर इशारा कर रहे हैं।
- केंद्रीय हस्तक्षेप: मामले की गंभीरता को देखते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और खुफिया ब्यूरो (IB) के प्रमुख से बात कर स्थिति का जायजा लिया।
- NIA की एंट्री: देर शाम, गृह मंत्रालय ने आतंकी कोण की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया। NIA अब इस बात की जांच करेगी कि क्या इस धमाके के पीछे किसी संगठित आतंकी मॉड्यूल का हाथ है।
एक वरिष्ठ दिल्ली पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर ANI को बताया:
“अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हमारी टीमें जांच कर रही हैं। इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।”
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, “लाल किले के पास धमाके की खबर बेहद चिंताजनक है। इसमें कुछ लोगों की जान भी गई है, ये बेहद दुखद है।”
दिल्ली धमाके का असर: अयोध्या तक हाई अलर्ट
इस धमाके के बाद न केवल दिल्ली, बल्कि पूरे उत्तर भारत में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सबसे ज्यादा सतर्कता उत्तर प्रदेश में बरती जा रही है, जो दिल्ली का पड़ोसी राज्य है और कई संवेदनशील धार्मिक स्थलों का घर है।
उत्तर प्रदेश में ‘रेड अलर्ट’
दिल्ली में धमाके की खबर आते ही उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया।
- एक प्रांतीय अधिकारी, अमिताभ यश ने स्थानीय मीडिया को बताया कि “सभी वरिष्ठ अधिकारियों को धार्मिक स्थलों, संवेदनशील जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।”
- यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क रहने और फील्ड में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
- विशेष रूप से, अयोध्या, वाराणसी (काशी विश्वनाथ) और मथुरा जैसे उच्च-जोखिम वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है।
अयोध्या और NSG कनेक्शन का सच
इस हाई अलर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दिल्ली धमाके के बाद NSG ने अयोध्या का चार्ज नहीं लिया है, जैसा कि कुछ अपुष्ट रिपोर्टों में कहा जा रहा है।
इसके बजाय, वास्तविकता यह है कि केंद्र सरकार पहले से ही अयोध्या की सुरक्षा को अभेद्य बनाने की योजना पर काम कर रही है।
तथ्य (अक्टूबर 2025):
- 4. नई NSG हब की घोषणा: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में 14 अक्टूबर 2025 को मानेसर में NSG के 41वें स्थापना दिवस पर यह घोषणा की थी कि सरकार उत्तर प्रदेश के अयोध्या में NSG का एक नया हब स्थापित करने जा रही है।
- 5. हब का उद्देश्य: यह अयोध्या हब, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद के बाद छठा रीजनल हब होगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी आतंकी खतरे की स्थिति में ‘ब्लैक कैट’ कमांडो के ‘रिस्पॉन्स टाइम’ को न्यूनतम करना है।
आज का दिल्ली धमाका इस बात को रेखांकित करता है कि अयोध्या जैसे संवेदनशील स्थल, जो हमेशा से आतंकियों के निशाने पर रहे हैं, की सुरक्षा के लिए NSG हब जैसी पहल कितनी महत्वपूर्ण है। फिलहाल, दिल्ली ब्लास्ट के बाद, अयोध्या की मौजूदा सुरक्षा, जिसमें UP पुलिस, PAC और CRPF शामिल हैं, को ‘हाई अलर्ट’ मोड पर डाल दिया गया है।
विशेषज्ञ विश्लेषण और आगे क्या?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले का स्थान (लाल किला) और समय (व्यस्त समय) प्रतीकात्मक और सामरिक दोनों महत्व रखता है। इसका उद्देश्य न केवल अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाना था, बल्कि राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक पर हमला करके एक कड़ा संदेश देना भी था।
जांच एजेंसियां अब निम्नलिखित सवालों के जवाब तलाश रही हैं:
- विस्फोटक किस प्रकार का था? क्या RDX का इस्तेमाल हुआ?
- क्या कार चोरी की थी? इसके मालिक का पता लगाया जा रहा है।
- आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि कार को वहां किसने और कब पार्क किया था।
निष्कर्ष
शाम के इस घातक धमाके ने 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट की दर्दनाक यादें ताजा कर दी हैं। इसने एक बार फिर देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र के सामने एक बड़ी चुनौती पेश की है। जैसे-जैसे NIA और स्पेशल सेल की जांच आगे बढ़ेगी, इस कायराना हमले के पीछे के चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है। तब तक, राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य हाई अलर्ट पर हैं।
संपादकीय नोट: यह एक विकासशील खबर है। धमाके की सटीक प्रकृति (IED या सिलेंडर ब्लास्ट) की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। हताहतों की संख्या में परिवर्तन हो सकता है। सभी आंकड़े रात 9:15 बजे IST तक उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं।
