AQI रिपोर्ट: दिल्ली और कोलकाता में ‘इमरजेंसी’, मुंबई सेफ

दिसंबर के दूसरे हफ्ते में उत्तर और पूर्वी भारत एक बार फिर जहरीली हवा की चपेट में है। जहां दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता में Air Quality Index (AQI) खतरनाक स्तर पर…

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दिसंबर के दूसरे हफ्ते में उत्तर और पूर्वी भारत एक बार फिर जहरीली हवा की चपेट में है। जहां दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता में Air Quality Index (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, वहीं मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों ने राहत की सांस ली है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत AQI 300 के पार बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिए ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि कोलकाता में स्थिति और भी चिंताजनक होती जा रही है।

महत्वपूर्ण अपडेट्स (Key Facts)

  • सबसे प्रदूषित शहर: लखनऊ (AQI 333) और दिल्ली (AQI 310) आज देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं।
  • कोलकाता की स्थिति: पश्चिम बंगाल की राजधानी में AQI 298 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी के करीब है।
  • चेन्नई में गिरावट: आमतौर पर साफ रहने वाले चेन्नई में भी AQI 225 तक पहुंच गया है, जो चिंता का विषय है।
  • राहत वाले शहर: मुंबई (AQI 61), बेंगलुरु (AQI 65) और पुणे (AQI 47) में हवा की गुणवत्ता ‘संतोषजनक’ या ‘अच्छी’ बनी हुई है।
  • प्रमुख प्रदूषक: PM2.5 और PM10 कणों की अधिकता सबसे बड़ा कारण है।

प्रदूषण का कहर: क्या कहते हैं आंकड़े?

दिसंबर 2025 की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में तापमान गिरने और हवा की गति धीमी होने से प्रदूषक तत्व (Pollutants) वातावरण में जम गए हैं। 11 दिसंबर 2025 को सुबह जारी किए गए रियल-टाइम डेटा के अनुसार, भारत के प्रमुख शहरों की स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है।

उत्तर भारत की स्थिति (North India)

दिल्ली में लगातार स्मॉग (Smog) की चादर छाई हुई है। आनंद विहार और मुंडका जैसे हॉटस्पॉट्स पर AQI 350 के पार जा चुका है। CPCB के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 310 है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में AQI 333 दर्ज किया गया है, जो ‘खतरनाक’ (Hazardous) श्रेणी में आता है। गाजियाबाद और नोएडा में भी AQI क्रमशः 234 और 222 दर्ज किया गया है।

पूर्वी भारत और कोलकाता (East India)

कोलकाता में हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट देखी गई है। यहां का AQI 298 तक पहुंच गया है। विशेष रूप से बालीगंज और जादवपुर जैसे इलाकों में PM2.5 का स्तर सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक है।

दक्षिण और पश्चिम भारत (South & West India)

इसके विपरीत, पश्चिमी तट पर मुंबई में हवा साफ है। मुंबई का AQI 61 दर्ज किया गया है, जो ‘संतोषजनक’ है। बेंगलुरु (65) और हैदराबाद (61) में भी स्थिति नियंत्रण में है। पुणे 47 AQI के साथ ‘अच्छी’ (Good) श्रेणी में है, जो वहां के नागरिकों के लिए बड़ी राहत है।

आज का एक्यूआई रेट लिस्ट (City-wise AQI List – Dec 11, 2025)

नीचे दी गई तालिका में भारत के प्रमुख शहरों का आज का Air Quality Index दर्शाया गया है:

शहर (City) AQI (11 Dec 2025) श्रेणी (Category)
लखनऊ 333 खतरनाक (Hazardous)
दिल्ली 310 बेहद खराब (Very Poor)
कानपुर 301 बेहद खराब (Very Poor)
कोलकाता 298 खराब/गंभीर (Severe)
पटना 290 खराब (Poor)
चेन्नई 225 खराब (Poor)
बेंगलुरु 65 संतोषजनक (Satisfactory)
मुंबई 61 संतोषजनक (Satisfactory)
पुणे 47 अच्छी (Good)
इंदौर 44 अच्छी (Good)

 

विशेषज्ञों की राय और आधिकारिक बयान

इस बिगड़ती स्थिति पर पर्यावरण विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) के एक विश्लेषक ने कहा, “दिसंबर के मध्य में हवा का थमना और तापमान का गिरना प्रदूषकों को जमीन के करीब फंसा रहा है। दिल्ली और कोलकाता में वाहनों और निर्माण कार्यों से होने वाला उत्सर्जन इस आग में घी का काम कर रहा है।”

“अगर AQI 300 से ऊपर बना रहता है, तो यह केवल अस्थमा के रोगियों के लिए ही नहीं, बल्कि स्वस्थ लोगों के लिए भी हानिकारक है। सुबह की सैर से बचें और मास्क का प्रयोग करें।” — वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट, एम्स दिल्ली (पैराफ्रेज्ड).

CPCB ने ग्रैप (GRAP) के तहत कड़े प्रतिबंधों को लागू करने के संकेत दिए हैं, जिसमें निर्माण कार्यों पर रोक और पुराने वाहनों के संचालन पर सख्ती शामिल हो सकती है।

आम जनजीवन पर प्रभाव

प्रदूषण के इस स्तर का सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है:

  1. स्वास्थ्य: अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और खांसी की शिकायतों में 20-30% की वृद्धि देखी गई है।
  2. स्कूल: दिल्ली और एनसीआर के कुछ हिस्सों में आउटडोर स्पोर्ट्स गतिविधियों को सीमित कर दिया गया है।
  3. यातायात: धुंध (Smog) के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी कम हो रही है, जिससे ट्रेनों और उड़ानों में देरी की आशंका है।

निष्कर्ष और आगे की राह

आने वाले दिनों में मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत में तापमान और गिरने की भविष्यवाणी की है, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। जब तक तेज हवाएं नहीं चलतीं या बारिश नहीं होती, दिल्ली और कोलकाता वासियों को इस जहरीली हवा से राहत मिलने की उम्मीद कम है। वहीं, तटीय शहरों में समुद्री हवाओं के कारण स्थिति बेहतर बनी रहने की संभावना है।

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