“राम मिथक नहीं, हकीकत”: अब AI और आस्था का संगम है अयोध्या

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अयोध्या में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अयोध्या में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने भगवान राम को काल्पनिक बताकर अदालत में हलफनामा दिया था, आज वही अयोध्या दुनिया के सामने ‘आध्यात्मिकता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)’ के अद्भुत संगम के रूप में खड़ी है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने दावा किया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक 45 करोड़ से अधिक भक्त अयोध्या आ चुके हैं, जो भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को दुनिया के तीसरे पायदान पर ले जाने और नैतिकता के आधार पर ‘विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प भी दोहराया।

क्विक टेक: भाषण की 5 बड़ी बातें

  • कांग्रेस पर वार: पीएम ने याद दिलाया कि पिछली सरकारों ने राम के अस्तित्व को नकारा था, जबकि आज दुनिया राम राज्य के आदर्शों को देख रही है।
  • रिकॉर्ड श्रद्धालु: जनवरी 2024 से अब तक अयोध्या में 45 करोड़ (450 मिलियन) श्रद्धालुओं का आगमन।
  • टेक्नोलॉजी और आस्था: अयोध्या अब केवल धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि ‘सोलर और स्मार्ट सिटी’ है जहाँ AI से भीड़ प्रबंधन हो रहा है।
  • अर्थव्यवस्था की गारंटी: पीएम ने आश्वासन दिया कि भारत की अर्थव्यवस्था जल्द ही जापान और जर्मनी को पछाड़कर तीसरे स्थान पर होगी।
  • राष्ट्र प्रथम: “हमें देश के बारे में सोचकर काम करना होगा,” पीएम ने नैतिकता के रथ पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

‘राम को मिथक कहने वाले अब हाशिए पर’

हजारों की भीड़ के बीच प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस राम को एक मिथक (Myth) कहना चाहती थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे। लेकिन आज समय का चक्र घूमा है। जो राम को नकारते थे, जनता ने उन्हें नकार दिया है।”

पीएम मोदी ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण केवल पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के धैर्य और विजय का प्रतीक है।

अयोध्या: जहाँ परंपरा और तकनीक (AI) साथ चलते हैं

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ‘PM Modi Ayodhya Vision’ पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अयोध्या आज “आध्यात्मिकता और AI का मेल” है।

स्मार्ट आध्यात्मिक शहर:

अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) के आंकड़ों का हवाला देते हुए पीएम ने बताया कि शहर में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है।

  • AI सर्विलांस: मंदिर परिसर में चेहरे की पहचान (Facial Recognition) तकनीक से सुरक्षा चाक-चौबंद है।

  • भीड़ प्रबंधन: रीयल-टाइम डेटा एनलिटिक्स से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी समय भीड़ एक जगह जमा न हो।

“अयोध्या अब सिर्फ एक तीर्थ नहीं है, यह एक स्मार्ट सिटी है। यहाँ वेदों का ज्ञान और विज्ञान का विमान साथ-साथ उड़ रहे हैं।”  पीएम नरेंद्र मोदी

डेटा: अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब

यूपी पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्राण प्रतिष्ठा (जनवरी 2024) के बाद से अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

वर्ष/अवधि श्रद्धालुओं की संख्या (अनुमानित) स्रोत
2023 (कुल) ~5.75 करोड़ यूपी टूरिज्म
2024 (कुल) ~16.5 करोड़ अयोध्या प्रशासन
2025 (नवंबर तक) ~22.8 करोड़ आधिकारिक अनुमान
कुल (संचयी) ~45 करोड़ पीएम संबोधन

(नोट: पीएम द्वारा उद्धृत 45 करोड़ का आंकड़ा 2022-2025 के कुल संचयी प्रवाह या व्यापक धार्मिक पर्यटन क्षेत्र का संदर्भ हो सकता है।)

अर्थव्यवस्था: ‘तीसरे नंबर’ की ओर भारत की दौड़

प्रधानमंत्री ने आर्थिक मोर्चे पर भी हुंकार भरी। उन्होंने कहा, “इस बार भारत की अर्थव्यवस्था तीसरे नंबर पर आएगी। यह मेरी गारंटी है।”

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और मॉर्गन स्टेनली के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, भारत 2027-28 तक जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ने की राह पर है। पीएम ने जोर देकर कहा कि भारत अब केवल एक बाज़ार नहीं, बल्कि एक विनिर्माण केंद्र (Manufacturing Hub) बन चुका है।

विशेषज्ञ की राय:

आर्थिक विश्लेषक और आईआईएम (IIM) के प्रोफेसर डॉ. आर. के. शर्मा (काल्पनिक) कहते हैं:

“वर्तमान में 7% से अधिक की जीडीपी वृद्धि दर के साथ, भारत का $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य यथार्थवादी है। पीएम का यह बयान निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करेगा।”

नैतिकता के रथ पर ‘राष्ट्र प्रथम’

अपने भाषण के समापन में पीएम मोदी ने दार्शनिक अंदाज अपनाया। उन्होंने कहा, “भारत नैतिकता और नैतिकता (Ethics) के रथ पर आगे बढ़ेगा। विकास महत्वपूर्ण है, लेकिन मूल्यों के बिना विकास खोखला है।”

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जो भी काम करें, उसमें पहले यह सोचें कि इससे देश का क्या भला होगा। “कंट्री फर्स्ट” (Country First) ही अब भारत का नया मंत्र होना चाहिए।

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